4 अप्रैल 2026 को ईरान ने Gulf क्षेत्र में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए। UAE के Habshan गैस संयंत्र में आग लगी, कुवैत की सबसे बड़ी रिफाइनरी में कई यूनिट बंद हुई, और तेल की कीमतें 2022 के बाद पहली बार $109 प्रति बैरल तक पहुंच गईं।
प्रतीकात्मक तस्वीर — कुवैत की Mina Al-Ahmadi रिफाइनरी में ड्रोन हमले के बाद धुएं का गुबार। (Source: AP / Al Jazeera)
🔑 मुख्य तथ्य — Key Facts
- कुवैत की Mina Al-Ahmadi रिफाइनरी — मध्य पूर्व की सबसे बड़ी, 3.46 लाख बैरल/दिन क्षमता — में ईरानी ड्रोन हमले के बाद कई यूनिट में आग लगी।
- UAE का Habshan गैस संयंत्र — देश का सबसे बड़ा गैस प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स — ऑपरेशन बंद करना पड़ा। मलबा गिरने से आग भड़की।
- UAE ने एक दिन में 19 बैलिस्टिक मिसाइलें और 26 ड्रोन मार गिराए। फिर भी 12 लोग मलबे से घायल।
- Brent Crude तेल $109 प्रति बैरल पर पहुंचा — 2022 के बाद पहली बार इतना ऊंचा।
- Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाज प्रतिदिन 150 से घटकर 10-20 रह गए।
- ईरान ने 28 फरवरी 2026 से अब तक UAE पर 2,514 हमले किए — कुल क्षेत्रीय हमलों का 40%।
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को, जब कुवैत ईद-उल-फित्र मना रहा था, तब ईरानी ड्रोनों ने देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी — Mina Al-Ahmadi — को निशाना बनाया। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने पुष्टि की कि कई यूनिट में आग लगी, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। ईमरजेंसी टीमें तुरंत तैनात की गईं।
उसी रात UAE में, ईरानी हमलों को इंटरसेप्ट करते वक्त गिरे मलबे से Habshan गैस संयंत्र में आग भड़क उठी। Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) ने ऑपरेशन तुरंत रोक दिया। यह UAE का मुख्य गैस प्रोसेसिंग हब है जो पूरे देश में गैस सप्लाई करता है। इस हमले में 12 लोग घायल हुए — जिनमें 7 नेपाली और 5 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
Trump की चेतावनी, ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया पर लिखा — "अभी तो शुरुआत है। अगले निशाने हैं — Bridges, फिर Electric Power Plants!" उन्होंने ईरान के नए नेतृत्व को चेताया कि जल्द निर्णय लेना होगा।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पलटवार किया — नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले ईरानियों को झुकाने पर मजबूर नहीं करेंगे। IRGC ने यह भी कहा कि Gulf में जो हमले हो रहे हैं, वे दरअसल इजराइल कर रहा है — ईरान ने जिम्मेदारी से इनकार किया।
— ऊर्जा विशेषज्ञ, NPR रिपोर्ट के अनुसार
Strait of Hormuz — वैश्विक ऊर्जा संकट
ईरान ने Strait of Hormuz — जिससे दुनिया का 20% तेल गुजरता है — को प्रतिशोध में बंद कर दिया है। इससे रोज गुजरने वाले 150 जहाज घटकर महज 10-20 रह गए हैं। Brent Crude $109 प्रति बैरल, Diesel यूरोप में $200 प्रति बैरल और LNG की कीमतें आसमान छू रही हैं। दर्जनों देश Strait को फिर से खुलवाने की कोशिश में जुटे हैं।
भारत पर असर
भारत के लिए यह संकट दोहरा है — UAE और कुवैत में लाखों भारतीय प्रवासी हैं, और इनमें से कई हमलों में घायल हुए। साथ ही, भारत अपनी 85% से अधिक कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है — Gulf ऊर्जा संकट से पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत में भी बढ़ सकती हैं।
